Latest 10 Garibi Shayari in Hindi | गरीबी पर शायरी

Latest 10 Garibi Shayari in Hindi | गरीबी पर शायरी

Garibi Shayari

Garibi Shayari in Hindi

(1)

तहजीब की मिसाल गरीबों के घर पे है,
दुपट्टा फटा हुआ है मगर उनके सर पे है…


(2)

मरहम लगा सको तो किसी गरीब के जख्मों पर लगा देना,
हकीम बहुत हैं बाजार में अमीरों के इलाज खातिर…

Garibi Shayari 2 Line

(3)

मैं क्या महोब्बत करूं किसी से, मैं तो गरीब हूँ,
लोग अक्सर बिकते हैं, और खरीदना मेरे बस में नहीं…


(4)

भूख, गरीबी, लाचारी को,
इस धरती से आज मिटायें,
भारत के भारतवासी को,
उसके सब अधिकार दिलायें…


(5)

अपने मेहमान को पलकों पे बिठा लेती है,
गरीबी जानती है घर में बिछौने कम है…

Garibi Shayari

 

गरीबी पर शायरी

(6)

अजीब मिठास है मुझ गरीब के खून में भी,
जिसे भी मौका मिलता है वो पीता जरुर है…


(7)

जब भी देखता हूँ किसी गरीब को हँसते हुए,
यकीनन खुशिओं का ताल्लुक दौलत से नहीं होता…

Garibi Sad Shayari

(8)

मैं क्या महोब्बत करूं किसी से,
मैं तो गरीब हूँ,
लोग अक्सर बिकते हैं,
और खरीदना मेरे बस में नहीं…


(9)

ऐ सियासत… तूने भी इस दौर में कमाल कर दिया,
गरीबों को गरीब अमीरों को माला-माल कर दिया…


(10)

गरीबों के बच्चे भी खाना खा सके त्योहारों में,
तभी तो भगवान खुद बिक जाते हैं बाजारों में…