Zakhmi Dil Shayari - जख्मी दिल शायरी

Zakhmi Dil Shayari in Hindi

(1)

ज़ख्मों को दबा कर सीने में रखकर खमोश,
चेहरे पर हंसी लाना कोई बड़ी बात नहीं
बड़ी बात तो तब होगी जब कोई खुद के ज़ख्मो को सीने में दबा कर,
दूसरों के चेहरे की उदासी को दूर करे


(2)

Nazren Mila Ke Kiya Dil Ko Zakhmi,
Adayen Dikha Kar Sitam Dha Rahe Ho,
Meri Wafao Ka Kya Khub Sila Diya Hain,
Tadapta Hua Chod Kar Jaa Rahe Ho.


(3)

फिर कोई ज़ख़्म मिलेगा, तैयार रह ऐ दिल,
कुछ लोग फिर पेश आ रहे हैं, बहुत प्यार से।


(4)

मौत से कहना कि हमसे नाराजगी खत्म कर ले,
वो लोग बदल गये जिनके लिये हम जिया करते थे।


(5)

टूटे हुए सपनो और रूठे हुए अपनों ने उदास कर दिया,
वरना लोग.. हमसे मुस्कराने का राज पुछा करते थे।


(6)

छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी, आरजू करना,
जिसे मोहब्बत, की कद्र ना हो उसे दुआओ, मे क्या मांगना।

जख्मी दिल शायरी

(7)

एक दिल मेरे दिल को ज़ख्म दे गया,
जिंदगी भर जीने की कसम दे गया,
लाखों फूलों में से एक फूल चुना हमने,
जो काँटों से गहरी चुभन दे गया…


(8)

हमारे ज़ख्मों की वजह भी वो हैं,
हमारे ज़ख्मो की दवा भी वो हैं,
वो नमक ज़ख्मों पे लगायें भी तो क्या हुआ,
मोहब्बत करने की वजह भी तो वो हैं


(9)

जिन्दगी जख्मो से भरी है,
वक्त को मरहम बनाना सीख लो,
हारना तो है एक दिन मौत से,
फिलहाल प्यार के साथ जिन्दगी जीना सीख लो..!!


(10)

Uljhan Bhare Din Hain Mere, Tanha Hain Raate,
De Jate Hain Zakhm, Mujhe Tere Vo Baaten,
Ham Bhi Badh Ke Thaam Lete Tera Daaman,
Yoon Tune Hamako Agar Rulaaya Na Hota,
Teree Najaro Ke Ham Bhi Ek Nazaare Hote,
Jo Tune Apani Najaro Mein Hame Basaaya Hota.


(11)

Teer Ka Dard Sa Lagta Hai Seene Mein Mere,
Jab Kaapata Dekh Bhi Tum Muskura Dete Ho,
Log To Murde Ko Bhi Seene Se Laga Kar Pyar Karte Hain,
Phir Kyun Mere Kareeb Aakar Tum Har Baar Zakhm Naya Dete Ho.