Zakhm Shayari in Hindi - ज़ख्म शायरी

Zakhm Shayari in Hindi

(1) जब किसी का दर्द हद से गुजर जाता है,
तो समंदर का पानी आँखों में उतर आता है,
कोई बना लेता है रेत से आशियाना,
तो किसी का लहरों में सब कुछ बिखर जाता है😪😪😪

(2) दिल में है जो दर्द वो किसे बताए,
हँसते हुए ज़ख्म को किसे दिखाए,
कहती है ये दुनिया हमे खुशनसीब,
मगर नसीब की दास्तान किसे सुनाए… 💔💔💔

(3) Zakhm Shayari 2 Line – टूटे हुए सपने को सजाना आता है,
रूठे हुए दिल को मनाना आता है,
उसे कह दो हमारे जख्म की फ़िक्र ना करे,
हमें दर्द में भी मुस्कुराना आता है… 😢😢😢

(4) लोग तो अपना बना कर छोड़ देते हैं,
कितनी आसानी से गैरों से रिश्ता जोड़ लेते हैं,
हम एक फूल तक ना तोड़ सके कभी,
कुछ लोग बेरहमी से दिल तोड़ देते हैं…😪😪😪

(5) जिंदगी जख्मों से भरी हैं,
वक़्त को मरहम बनाना सीख लो,
हारना तो मौत के सामने हैं,
फ़िलहाल ज़िन्दगी से जीतना सीख लो…💔💔💔

(6) पास आकर सभी दूर चले जाते हैं,
अकेले थे हम, अकेले ही रह जाते हैं,
इस दिल का दर्द दिखाएँ किसे,
मरहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं…☹☹☹

(7) Zakhm Bhari Shayari – दर्द भी वो दर्द जो दवा बन जाये,
मुश्किलें बढ़ें तो आसां बन जाये,
जख्म पा कर सिर झुका देता हूँ,
जाने कौन पत्थर ख़ुदा बन जाये… 😔😔😔

(8) चाहतो से दिल में गम बहुत हैं,
जिन्दगी में मिले जख्म बहुत हैं,
मार ही डालती दुनिया कब की हमें,
मगर दोस्तों की दुआओं में दम बहुत हैं…😥😥😥

(9) गलत कहेते है लोग की सफेद रंग मै वफा होती है…
अगर ऐसा होता तो आज “नमक” जख्मो की दवा होता… 🙁🙁🙁

(10) मुस्कराहट यूँ मेरे दिल के जख्मों को छुपा लेती है,
माँ जैंसे अपने बच्चों के ऐबों को सबसे छुपा लेती है…😥😥😥