Taj Mahal Shayari in Hindi - ताजमहल शायरी

Taj Mahal Shayari in Hindi

(1)

ज़िंदा है शाहजहाँ की चाहत अब तक,
गवाह है मुमताज़ की उल्फत अब तक,
जाके देखो ताज महल को ए दोस्तों,
पत्थर से टपकती है मोहब्बत अब तक…


(2)

संगेमरमर की तू बात न कर मुझसे,
मैं अगर चाहूँ तो एहसास-ऐ-मोहब्बत लिख दूँ,
ताजमहल भी झूक जाएगा चूमने के लिए,
में जो एक पत्थर पे तेरा नाम लिख दूँ…


(3)

अगर इस जहाँ में मजदूर का न नामों निशाँ होता,
फिर न होता हवामहल और न ही ताजमहल होता…

2 Lines Tajmahal Shayari

(4)

सिर्फ इशारों में होती महोब्बत अगर,
इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता?
बस पत्थर बन के रह जाता “ताज महल”
अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता…


(5)

तुम से मिलती-जुलती मैं आवाज़ कहाँ से लाऊँगा,
ताज-महल बन जाए अगर मुम्ताज़ कहाँ से लाऊँगा…

(6)

अगर तुम न होते तो ग़ज़ल कौन कहता,
तुम्हारे चहरे को कमल कौन कहता,
यह तो करिश्मा है मोहब्बत का,
वरना पत्थर को ताज महल कौन कहता…


(7)

झूम के जब रिंदों ने पिला दी,
शैख़ ने चुपके चुपके दुआ दी,
एक कमी थी ताज-महल में,
मैंने तेरी तस्वीर लगा दी…

Taj Mahal Quotes in Hindi

(8)

चैन पड़ता है दिल को आज न कल,
वही उलझन घड़ी घड़ी पल पल,
मेरा जीना है सेज काँटों की,
उन के मरने का नाम ताज-महल…


(9)

साग़र आज़मी कब्रोँ पर यहाँ ताजमहल है,
और एक टूटी छत को जिँदगी तरसती है…


(10)

इक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताज-महल,
सारी दुनिया को मोहब्बत की निशानी दी है…