Shauk Shayari in Hindi - शौक शायरी

Shauk Shayari in Hindi
शौक शायरी

(1)
चेहरों के लिए आईने कुर्बान किये हैं,
इस शौक में अपने बड़े नुकसान किये हैं,
महफ़िल में मुझे गालियाँ देकर है बहुत खुश,
जिस शख्स पर मैंने बड़े एहसान किये है…
राहत इंदौरी


(2)
बस इस शौक़ में पूछी हैं लाखो बातें,
मैं तेरा हुस्न तेरे हुस्न-ए-बयाँ तक देखूँ…


(3)
हलके में मत लेना… तुम सावले रंग को,
दूध से कहीं ज्यादा शौक़ीन देखे है मैंने चाय के…


(4)
हमें तेरे काफिले में चलने का कोई शौक़ नहीं,
मगर तेरे साथ कोई और चले, हमें मंजूर नहीं…


(5)
सुना है इश्क़ का शौक नहीं तुम को,
मगर बर्बाद तुम कमाल करते हो…


(6)
मत ज़िक्र कीजिए मेरी अदा के बारे में,
मैं बहुत कुछ जानता हूँ वफ़ा क बारे में,
सुना है वो भी मोहब्बत का शौक़ रखते हैं,
जो जानते ही नहीं वफ़ा के बारे में…


(7)
मजबूरियाँ ओढ़ के निकलता हूँ घर से आजकल,
वरना शौक तो आज भी है बारिशो में भीगने का…


(8)
फिर उसकी याद, फिर उसकी आस, फिर उसकी बातें,
ऐ दिल लगता है तुझे तड़पने का बहुत शौक है…


(9)
तू मुझसे दूरियाँ बढ़ाने का शौक पूरा कर,
मेरी भी जिद है तुझे हर दुआ में मागुँगा…


(10)
मेरी निगाह-इ-शौक़ भी कुछ कम नहीं मगर,
फिर भी तेरा शबाब तेरा ही शबाब है…