Shak Shayari in Hindi - शक शायरी

Shak Shayari in Hindi

(1)
रिश्ता, प्यार, ख्याल, दीदार और माफ़ी हैं,
इक शक इनकी मौत के लिए काफी है…


(2)
यकीन क्या है जो आये यकीं दिलाने से,
मैं चाहती हूँ तुझे जान इक जमाने से,
इसीलिए तो कहते है कि शक न करना तुम,
ये आग वो है जो बुझती नहीं बुझाने से…


(3)
सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनों पे भी शक करना,
मेरी फ़ितरत में तो था गैरों पे भरोसा करना…


(4)
शक करना भी जरूरी है ऐतबार से पहले,
यार परखना जरूरी है प्यार से पहले…


(5)
शक तो था मुहब्बत मे नुकसान होगा पर,
सारा मेरा ही होगा ये मालूम न था…

(6)
जब से धोखा खाया है हमने मोहब्बत की राह में,
अपने तक आ गये है अब तो शक की निगाह में…


(7)
धड़कनें अहसास कराती हैं जनाब कि जिन्दा हैं हम,
वरना शक़ होता है कभी- कभी अपने वजूद पर…


(8)
प्यार ऐसा हो जहाँ शक की गुंजाइश हो,
महबूब का दिल भरने तक आजमाइश हो…


(9)
शक की सुई को हमेशा घुमाते रहिये,
क्योंकि जमाना अब ऐतबार के काबिल नहीं…


(10)
शक ना कर मेरी मुहब्बत पर पगली,
अगर मै सबूत देने पर आया तो तु बदनाम हो जायेगी.