Selfish Shayari in Hindi - स्वार्थ शायरी

Selfish Shayari in Hindi

(1)
सुना था कभी किसी से,
की ये दुनिया मोहोब्बत से चलती है,
करीब से जाना तो समझे,
ये स्वार्थ की दुनिया है,
बस जरुरत से चलती है…


(2)
दुनिया का उसूल है,
जब तक काम है,
तब तक नाम है,
बाकी दूर से ही सलाम है…


(3)
अक्सर सूखे हुए होठों से ही
होती है मीठी बातें,
प्यास बुझ जाए तो,
अल्फाज और इन्सान दोनों बदल जाते है…

Selfish Boy Shayari

(4)
वक्त बीत जाए तो लोग भुला देते है,
बेवजह लोग अपनों को भी रुला देते है,
जो दिया रात भर रौशनी देता है,
सुबह होते ही लोग उसे भी बुझा देते है…


(5)
कभी-कभी समय के परिवर्तन से,
मित्र भी शत्रु बन जाते है,
और शत्रु भी मित्र,
क्योंकि स्वार्थ बहुत ही बलवान है…

 

(6)
ये स्वार्थ की दुनिया है,
और इस स्वार्थी दुनिया में,
अच्छइयां ऐसे खो जाती है,
जैसे समुन्दर में नदियाँ…

Selfish Attitude Shayari

(7)
अपना साया भी कितना खुदगर्ज होता है,
चिलचिलाती धुप हो तो आड़ में होता है,
अगर अँधेरा हो जाए तो साथ छोड़ देता है…

स्वार्थ शायरी

(8)
अन्दर से हर इन्सान स्वार्थी होता है,
हमें इस बात को समझ लेना चाहिए,
अन्यथा हम पूरी जिन्दगी लोगो पे,
स्वार्थी होने का इल्जाम लगाते रहेंगे…


(9)
बात मतलब की हो तो,
सब समझ लेते है,
पर बात का मतलब समझना,
किसीको नहीं आता…


(10)
अगर आप लोगों की जरुरत नहीं है,
तो फिर लोगों को आपकी जरुरत नहीं है…