Sainik Shayari in Hindi - शहीद सैनिक शायरी

Sainik Shayari in Hindi
शहीद सैनिक शायरी

(1)

किसी गजरे की ख़ुशबू को महकता छोड़ के आया हूँ,
मेरी नन्ही से चिड़िया को चहकता छोड़ के आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ के आया हूँ…


(2)

मिलते नही जो हक वो लिए जाते हैं,
है आजाद हम पर गुलाम किये जाते हैं,
उन सिपाहियों को रात-दिन नमन करो,
मौत के साए में जो जिए जाते हैं…


(3)

देश के उन वीर जवानों को सलाम,
जो सुरक्षा का एहसास दिलाते हैं,
जो हथेली पर रखकर जान हमारी,
हिफाजत का जिम्मा उठाते हैं…


(4)

जब हम तुम अपने महबूब की आँखों में खोये थे,
जब हम तुम खोयी मोहब्बत के किस्सों में खोये थे,
सरहद पर कोई अपना वादा निभा रहा था,
वो माँ की मोहब्बत का कर्ज चुका रहा था…

(5)

हर किसी के दिल पे एक दास्तां लिख जाऊंगा,
जाते जाते में जमी को आसमां लिख जाऊंगा,
अगर किसी ने देखा आँख भर के मेरे हिंद को,
सरहदों पर खून से हिन्दुस्तान लिख जाऊंगा..

(6)

जहर पिलाकर मजहब का, इन कश्मीरी परवानों को,
भय और लालच दिखलाकर तुम भेज रहे नादानों को,
खुले प्रशिक्षण, खुले शस्त्र है खुली हुई शैतानी है,
सारी दुनिया जान चुकी ये हरकत पाकिस्तानी है…


(7)

हम चैन से सो पाए इसलिए ही वो सो गया,
वो भारतीय फौजी ही था जो आज शहीद हो गया.
जय हिन्द


(8)

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है जोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है,
वक्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आसमां!
हम अभी से क्या बतायें क्या हमारे दिल में है..


(9)

दूध और खीर की बात करते हों,
हम तुम्हे कुछ भी नही देंगे,
कश्मीर की तरफ नजर भी उठाया,
तो लाहौर भी छीन लेंगे…


(10)  

जहाँ हम और तुम हिन्दू-मुसलमान के फर्क में लड़ रहे हैं,
कुछ लोग हम दोनों के खातिर सरहद की बर्फ में मर रहे हैं…