Sahil Shayari in Hindi - साहिल शायरी

Sahil Shayari in Hindi
साहिल शायरी

(1)
एक नजर भी देखना गंवारा नहीं उसे,
जरा सा भी एहसास हमारा नहीं उसे,
वो साहिल से देखते रहे डूबना हमारा,
हम भी खुद्दार थे पुकारा नहीं उसे 😞


(2)
रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,
अपनी सूरत को शबो-रोज निहारा न करो,
आओ देखो मेरी नजरों में उतर कर खुद को,
आइना हूँ मैं तेरा मुझसे किनारा न करो…


(3)
तूफानों ​की दुश्मनी से न बचते तो खैर थी​,
​साहिल से दोस्तों के भरम ने डुबो दिया​ 💔


(4)
इक नाम क्या लिखा तेरा साहिल की रेत पर,
फिर उम्र भर हवा से मेरी दुश्मनी रही…


(5)
बढ़ के तूफ़ान को आग़ोश में ले ले अपनी,
डूबने वाले तेरे हाथ से साहिल तो गया…

Sahil Shayari Two Lines

(6)
प्यार दरिया है जिसका साहिल नहीं होता,
हर शख्स मोहब्बत के काबिल नहीं होता,
रोता है वो जो डूबा है किसी के प्यार में,
और रोता वो भी है जिसे प्यार हासिल नहीं होता…


(7)
क्यूँ वो रूठे इस कदर कि मनाया ना गया,
दूर इतने हो गए कि पास बुलाया ना गया,
दिल तो दिल था कोई समंदर का साहिल नहीं,
लिख दिया जो नाम वो फिर मिटाया ना गया 💔


(8)
आँख नाज़ूक सी कलियाँ, बात मिस्री की ड़लियाँ,
होंठ गंगा के साहिल, जुल्फें जन्नत की गलियाँ।
तेरी खातिर फरिश्तें सर पे इल्ज़ाम लेंगे,
हुस्न की बात चली तो, सब तेरा नाम लेंगे…


(9)
काश कोई मिले इस तरह कि फिर जुदा न हो,
वो समझे मेरा मिजाज और कभी खफा न हो,
अपने एहसास से बाँट ले सारी तन्हाई मेरी,
इतना प्यार दे जो किसी ने किसी को दिया न हो….


(10)
तुम्हारा ज़र्फ़ है तुम को मोहब्बत भूल जाती है,
हमें तो जिस ने हँस कर भी पुकारा याद रहता है,
मोहब्बत में जो डूबा हो उसे साहिल से क्या लेना,
किसे इस बहर में जा कर किनारा याद रहता है 😞