Safar Shayari in Hindi - सफ़र शायरी

Safar Shayari in Hindi

(1)

ना पूछो के मंजिल का पता क्या है,
अभी बस सफर है सफर का दीदार होने दो,
रूठ जाये अगर तक़दीर तो मनाकर देखो,
फूल मेहनत के हथेली पर उगाने तो दो…


(2)

ना पूछो कि मेरी मंजिल कहाँ है,
अभी तो सफर का इरादा किया है,
ना हारूंगा हौंसला उम्र भर,
ये मैंने किसी से नहीं खुद से वादा किया है…

Safar Dosti Shayari

(3)

डर हम को भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से,
लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा…


(4)

आज तक उस थकान से दुख रहा है बदन,
एक सफ़र किया था मैंने ख़्वाहिशों के साथ…


(5)

तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था,
खबर तो रहती….सफर तय कितना करना है…

Zindagi Ka Safar Shayari

(6)

मशहूर हो जाते हैं वो,
जिनकी हस्ती बदनाम होती है,
कट जाती है जिंदगी सफ़र में अक्सर,
जिनकी मंजिलें गुमनाम होती हैं…


(7)

मंजिल बड़ी हो तो,
सफ़र में कारवां छूट जाता है,
मिलता है मुकाम तो,
सबका वहम टूट जाता है…

सफ़र शायरी

(8)

चाहेंगे तुम्हें टूट कर हम,
बनाएंगे एक नया घर हम,
हर पल सिर्फ़ खुशियां होंगी,
साथ काटेंगे यहाँ सफर हम…


(9)

थक गये हौसले अब मुझे परवाज़ न दो,
फिर से उड़ने को खाली आकाश न दो,
ये तनहाई का सफर बहुत तड़पाता है मुझे,
यादों के दरीचे से तुम मुझे आवाज न दो…


(10)

मुझे ख़बर थी मेरा इन्तजार घर में रहा,
ये हादसा था कि मैं उम्र भर सफ़र में रहा…