Rooh Shayari in Hindi - रूह शायरी

रूह पर कई बड़े शयरों जैसे गुलज़ार साहब और ग़ालिब ने शायरियां लिखी है। आज हमने आपके लिए कुछ ऐसी ही रूह शायरियां यहाँ दीं है जिनको आप पढ़कर और शेयर करके अपने दिल की बात कह सकते हैं।

रूह शायरी | Rooh Shayari in Hindi

(1)
अब न कोई हमें मोहब्बत का यकीन दिलाये,
हमें रूह में भी बसा कर निकाला है किसी ने…


(2)
एक सवाल पूछती है मेरी रूह अक्सर,
मैंने दिल लगाया है या ज़िंदगी दाँव पर…


(3)
देती है सुकून रूह को काँटों की चुभन भी,
खुशबू से कभी होती है सीने में जलन भी…


(4)
दिल में आहट सी हुई रूह में दस्तक गूँजी,
किस की खुशबू ये मुझे मेरे सिरहाने आई…


(5)
अगर ताल्लुक हो तो रूह से रूह का हो,
दिल तो अक्सर एक दूसरे से भर जाते हैं…


(6)
बिछड़ना है तो यूँ करो रूह से निकल जाओ,
रही बात दिल की तो उसे हम देख लेंगे…


(7)
वो जिसे समझते थे ज़िन्दगी,
मेरी धड़कनों का फरेब था,
मुझे मुस्कुराना सिखा के,
वो मेरी रूह तक रुला गए…


(8)
दूर रहकर भी जो समाया है,
मेरी रूह की गहराई में,
पास वालों पर वो शख्स,
कितना असर रखता होगा…


(9)
वो दिल में है, धडकन में है, रूह में है,
सिर्फ किस्मत में नहीं तो खुदा से गिला कैसा…


(10)
रूह के रिश्तों की ये गहराइयाँ तो देखिये,
चोट लगती है हमें और चिल्लाती है माँ,
हम खुशियों में माँ को भले ही भूल जायें,
जब मुसीबत आ जाए तो याद आती है माँ…