Prithviraj Chauhan Shayari in Hindi - पृथ्वीराज चौहान शायरी

दोस्तों पृथ्वीराज चौहान भारतीय इतिहास मे एक बहुत ही प्रचलित नाम है। चौहान वंश मे जन्मे पृथ्वीराज आखिरी हिन्दू शासक भी थे और वे एक महान योद्धा थे। चलिए ऐसे ही वीर योद्धा पर पढ़ते हैं कुछ शानदार शायरियां।

Prithviraj Chauhan Shayari
पृथ्वीराज चौहान शायरी

(1)
राजपुताना है जो आन,
अखंड भारत की है जो शान,
चमक जिसकी फीकी ना पड़े,
वो है महावीर पृथ्वीराज चौहान 🔥


(2)
औकात नहीं है आँख से आँख मिलाने की,
और बात करते है हमारा नाम मिटाने की…


(3)
वीरों का स्वाभिमान था,
हिन्दुओं का अभिमान था,
शब्द वेदी बाण का ज्ञान जिसे,
वो पृथ्वीराज चौहान था 🔥


(4)
साहस और शौर्य के प्रतीक और,
रणभूमि में नैतिकता का सर्वोच्च उदहरण रखने वाले,
परमवीर पृथ्वीराज चौहान जी की जयंती पर शत शत नमन…


(5)
पुत्र मैं माँ भवानी का मुझ पर किसका जोर,
काट दूंगा हर वो सर को, जो उठा चौहान की ओर…


(6)
ये फौलादी सीना चौहान का,
हिमालय की अकड़ रखते है,
पसंद नहीं हमें जंग हारना,
हम जीत पर पकड़ रखते है 🔥


(7)
चार बांस, चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण,
ता ऊपर सुल्तान है मत चुके चौहान…


(8)
अकड़ तो छोटे मोटे दिखाया करैं,
चौहान के बालक तो,
सीधा गदर मचाया करैं 🔥


(9)
राजपुताना साहस पर सबको अभिमान है,
जो अंत में बाजी पलट दे वो पृथ्वीराज चौहान है…


(10)
अकड़ तो छोटे मोटे दिखाया करैं,
चौहान के बालक तो
सीधा गदर मचाया करैं 🔥