Pehli Mohabbat Shayari in Hindi - पहली मोहब्बत शायरी

Pehli Mohabbat Shayari

पहली मोहब्बत थी हम ये जान न सके,
ये प्यार क्या होता है हम पहचान न सके,
वो दिल में हमारे बस गए हैं इस कदर,
जब भी चाहा उन्हें दिल से निकाल न सके ❤️


दिल की किताब में गुलाब उनका था,
रात की नींद में ख्वाब उनका था,
कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा,
मर जायंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था…


इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी,
ढूंढ रहे थे हम जिन्हें उन से बात हो गयी,
देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम,
वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी…


उम्मीद थी कि इस ग़म का मदावा हो ही जाएगा,
मगर अफसोस कि पहली मोहब्बत आखिरी निकली…


वो मेरी पहली मोहब्बत वो मेरी पहली शिकस्त,
फिर तो पैमाने-वफ़ा सौ मर्तबा मैंने किया…


ये वफ़ा तो उस वक्त की बात है ऐ फ़राज़,
जब मकान कच्चे और लोग सच्चे हुआ करते थे…


पहली मोहब्बत थी और हम दोनों ही बेबस,
वो ज़ुल्फ़ें सँभालते रहे और मैं खुद को ❤️


मुद्दत के बाद उसने जो आवाज़ दी मुझे,
कदमों की क्या बिसात थी साँसे ठहर गयीं…