Nafrat Shayari in Hindi - नफरत शायरी

Nafrat Shayari in Hindi

(1)
दिल पर न मेरे यूँ वार कीजिये,
छोडो ये नफरत थोड़ा प्यार कीजिये,
तड़पते हैं जिस कदर तेरे प्यार में हम,
कभी खुद को भी उस कदर बेकरार कीजिये…


(2)
चला जाऊँगा मैं धुंध के बादल की तरह,
देखते रह जाओगे मुझे पागल की तरह,
जब करते हो मुझसे इतनी नफरत,
तो क्यों सजाते हो आँखो में मुझे काजल की तरह…


(3)
खुदा सलामत रखना उन्हें,
जो हमसे नफरत करते हैं,
प्यार न सही नफरत ही सही,
कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं…


(4)
मुझसे नफरत की अजब राह निकाली उसने,
हंसता हुआ मेरा दिल कर दिया खाली उसने,
मेरे घर की रिवायत से वो खूब था वाकिफ,
जुदाई मांग ली बन के सवाली उसने…

Nafrat Shayari

(5)
उसने नफ़रत से जो देखा है तो याद आया,
कितने रिश्ते उसकी ख़ातिर यूँ ही तोड़ आया हूँ,
कितने धुंधले हैं ये चेहरे जिन्हें अपनाया है,
कितनी उजली थी वो आँखें जिन्हें छोड़ आया हूँ…


(6)
गुजरे हैं इश्क़ में हम इस मुकाम से,
नफरत सी हो गई है मोहब्बत के नाम से,
हम वह नहीं जो मोहब्बत में रो कर के,
जिंदगी को गुजार दे…
अगर परछाई भी तेरी नजर आ जाए,
तो उसे भी ठोकर मार दें..