Mulakat Shayari in Hindi - मुलाकात शायरी

Mulakat Shayari
मुलाकात शायरी

(1)
दूरिओं से रिश्तों में फर्क नहीं पड़ता,
बात तो दिल की नजदीकियों की होती है,
पास रहने से भी रिश्ते नहीं बन पाते,
वरना मुलाकात तो रोज कितनों से होती है…


(2)
उनसे मुलाक़ात के सिलसिले क्या बन्द हुए,
मुद्दतें बीती हैं आईने से रूबरू हुए…


(3)
कब आ रहे हो मुलाकात के लिये,
हमने चाँद रोका है एक रात के लिये…


(4)
मैं लोगों से मुलाकातों के लम्हें याद रखता हूँ,
बातें भूल भी जाऊं पर लहजे याद रखता हूँ…


(5)
याद करेंगे तो दिन से रात हो जायेगी,
आईने को देखिये हमसे बात हो जायेगी,
शिकवा न करिए हमसे मिलने का,
आँखे बंद कीजिये मुलाकात हो जायेगी…


(6)
हालात कह रहे हैं मुलाकात नहीं मुमकिन,
उम्मीद कह रही है थोड़ा इंतज़ार कर…


(7)
चाँद के बिना अँधेरी रात रह जाती है,
साथ एक हसीन सी मुलाकात रह जाती है,
सच है कि जिंदगी कभी रूकती नहीं,
वक़्त निकल जाता है और याद रह जाती है…


(8)
चाँदनी रात बड़ी देर के बाद आयी,
ये मुलाक़ात बड़ी देर के बाद आयी,
आज आये हैं वो मिलने मुद्दत के बाद,
आज की रात बड़ी देर के बाद आयी…


(9)
दूरियों से फर्क पड़ता नहीं,
बात तो दिलों कि नज़दीकियों से होती है,
दोस्ती तो कुछ आप जैसो से है,
वरना मुलाकात तो जाने कितनों से होती है…


(10)
न कोई फसाना छेड़ा न कोई बात हुई,
कहने को कह लीजिये कि मुलाकात हुई…