Mehfil Shayari in Hindi - महफिल ए शायरी

Mehfil Shayari in Hindi

(1)

क्यूँ ये चेहरा ख़ुशी का मुखोटा हटा नहीं पाता,
प्यार जिससे करता है उसे खुल के बता नहीं पाता,
भरी महफ़िल में तो सारे हमारे हो जाते हैं,
पर क्यूँ ये दिल आज भी किसी को अपना बना नहीं पाता….😳😳😳


(2)

ए चाँद मेरे दोस्त को एक तोहफा देना,
तारों की महफ़िल संग रौशनी करना,
छुपा लेना अँधेरे को…
हर रात के बाद एक खुबसूरत सवेरा देना….


(3)

मेहफिल मैं कुछ तो सुनाना पडता है,
ग़म छुपाकर मुस्कुराना पडता है,
कभी उनके हम भी थे दोस्त,
आज कल उन्हे याद दिलाना पडता है…❤❤❤


(4)

दिल दुखाने का काम छोड़ दो,
मेरे नाम कोई तो पैगाम छोड़ दो,
वफ़ा कर नहीं सकते तो ना ही सही,
लेना महफिल में मेरा नाम छोड़ दो…


(5)

हुस्न की इश्क से जब जब बात होती है,
महफिल में उनकी बात से हर बात होती है,
वह कहते रहे कोई बात नहीं हम दोनों में,
पर उनकी कहानी से नई शुरूआत होती है….

महफिल ए शायरी

(6)

जब भी करीब आता हूँ बताने के लिये,
जिंदगी दूर रखती हैं सताने के लिये,
महफ़िलों की शान न समझना मुझे,
मैं तो अक्सर हँसता हूँ गम छुपाने के लिये….


(7)

कहाँ कोई ऐसा मिला जिस पर हम दुनिया लुटा देते,
हर एक ने धोखा दिया, किस-किस को भुला देते,
अपने दिल का ज़ख्म दिल में ही दबाये रखा,
बयां करते तो महफ़िल को रुला देते…


(8)

महफ़िल मैं कुछ तो सुनाना पड़ता हैं,
गम छुपाकर मुस्कुराना पड़ता हैं,
कभी उनके हम थे दोस्त,
आजकल उन्हें याद दिलाना पड़ता हैं… 😇😇😇


(9)

दिल को मनाना गर होता आसान,
ना करता किसी को यूँ ये परेशान,
तनहा न रहता भरी महफ़िल में,
ना होती वो हालत जो हो ना सके बयान….


(10)

वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो..
मज़ा तो तब है,
चाहत का जब दिल तो जले पर राख ना हो 😊😊😊