Mayus Shayari in Hindi - मायूस शायरी

Mayus Shayari in Hindi
मायूस शायरी

मायूस तो हूँ तेरे वादे से,
कुछ आस नहीं कुछ आस भी है,
मैं अपने ख्यालों के सदके,
तू पास नहीं और पास भी है…


ज़िंदगी से क्यूँ रूठ गए हो तुम,
इतने मायूस क्यूँ हो गए हो तुम,
जरूर तुम्हारा किसी ने दिल तोड़ा है,
जो इतने बेपरवाह हो गए हो तुम…


अजीब लोग हैं मेरी तलाश में मुझको,
वहाँ पर ढूंढ रहे हैं जहाँ नहीं हूँ मैं,
मैं आईनों से तो मायूस लौट आया था,
मगर किसी ने बताया बहुत हसीं हूँ मैं।
राहत इंदौरी


अब मायूस क्यूँ हो उस की बेवफाई पे “फ़राज़”,
तुम खुद ही तो कहते थे कि वो सबसे जुदा है…
फ़राज़


ज़िन्दगी से क्यों रूठ गए हो तुम,
इतने मायूस क्यों हो गए हो तुम,
ज़रूर तुम्हारा भी किसी ने दिल तोड़ा है,
जो इतने ग़म-गीन हो गए हो तुम…


चंद कलियाँ निशात की चुनकर,
मुद्दतों मायूस रहता हूँ,
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही,
तुझसे मिलकर उदास रहता हूँ…