Majboori Shayari in Hindi - मजबूरी शायरी

Majboori Shayari in Hindi

(1)

जुदाई का वक़्त हमें बेक़रार करता है,
हमारे हालात हमें मजबूर करते हैं,
ज़रा हमारी आँखें तो पढ़ लो एक बार,
हम खुद कैसे कहें की हम आपसे बहुत प्यार करते हैं…


(2)

वो रोए तो बहुत, पर मुहँ मोड़कर रोए,
कोई तो मजबूरी होगी, जो दिल तोड़कर रोए,
मेरे सामने कर मेरी तस्वीर के टुकड़े,
पता चले मेरे पीछे वो उन्हें जोड़कर रोए…

Majboori Dard Shayari

(3)

ख़ुशियों की ख़ातिर हमने कितने क़र्ज़ उतार रक्खे हैं,
ज़िंदगी फिर भी तूने हमपे कितने दर्द उतार रक्खे हैं,
मासूम अगर होता तो सब मिलके लूट लेते,
जाने किस अपने ने मेरे दुश्मन उतार रक्खे हैं…


(4)

मजबूरी में जब कोई किसी से जुदा होता है,
ये तो ज़रूरी नहीं कि वो बेवफ़ा होता है,
देकर वो आपकी आँखों में जुदाई के आँसू,
तन्हाई में वो आपसे भी ज्यादा रोता है…


(5)

दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे…

(6)

खोजोगे तो हर मंज़िल की राह मिल जाती है,
सोचोगे तो हर बात की वजह मिल जाती है,
ज़िंदगी इतनी मजबूर भी नही ऐ दोस्त!
प्यार भी जीने की वजह बन जाती है…


(7)

किसी को क्या बताये कि कितना मजबूर हूं,
चाहा था सिर्फ एक तुमको और तुमसे ही दूर हूं…

Majboori Love Shayari

(8)

किसी की मजबूरी का मजाक ना बनाओ यारो,
ज़िन्दगी कभी मौका देती है कभी धोखा भी देती है…


(9)

ज़िन्दगी में बेशक हर मौके का फायदा उठाओ,
मगर किसी के हालात और मजबूरी का नहीं…


(10)

सोचते थे मिलेगा सुकून ऐ दिल उनसे मिलकर,
पर दर्द और बढ़ जाता है उन्हें देखने के बाद…