Mahakali Shayari in Hindi - महाकाली शायरी

दोस्तों मां महाकाली भगवती दुर्गा मान का एक रूप है। इन्होंने महाकाली का रूप क्रूर राक्षसों का संहार करने के लिए लिया था। माँ महाकाली ने देवताओं की रक्षा के लिए विकराल रूप धारण कर युद्ध भूमी में प्रवेश किया। आज हम इस पोस्ट के माध्यम से माँ महाकाली शायरी और स्टेटस पढ़ेंगे।

Mahakali Shayari in Hindi
महाकाली शायरी

(1)
नारी प्रेम की मूरत है
वात्सल्य का भंडार है
आहत होती है जब नारी,
लेती महाकाली का रूप है…
Jai Mahakali


(2)
माँ काली जिसे बुलाती है
वही उनके दर पर जाता है,
जो उनके दर पर जाता है,
अपनी झोली भरकर लाता है…


(3)
दुष्टों का नाश करने को,
संहारक बन कर आती हैं,
मां काली से जो प्रेम करे,
उनका भाग्य बनाती हैं…


(4)
मिलते हैं हज़ारों से
पर एक है जो
हमेशा याद आता है
वो चौखट ही है तेरी माँ
जहां यह बंदा सुकून पाता है..


(5)
माँ काली के चरणों में जब शीश झुकाते हैं,
सारी मुसीबतों से लड़ने की ताकत पाते हैं..


(6)
हे माँ तुमसे विश्वास ना उठने देना
तेरी दुनिया में भय से जब सिमट जाऊ
चारो ओर अँधेरा ही अँधेरा घना पाऊ
बन के रोशनी तुम राह दिखा देना..


(7)
जीवन में जब संकट आता हैं,
अपने साथ नहीं हो तो जी घबराता हैं
माँ की भक्ति में दुःख का पता नहीं चलता
कुछ दिन में सुख का फूल खिल जाता हैं…


(8)
मां कि ज्योति से प्रेम मिलता है
सबके दिलों को मरहम मिलता है
जो भी जाता है मां के द्वार
कुछ ना कुछ ज़रूर मिलता है..
Jai Mahakali


(9)
ए माँ मेरी गुनाहों को
मेरे मैं कबूल करता हूँ
मोक्ष दे दे मेरी माँ
बस यही आशा रखता हूँ…


(10)
जय काली कंकाल मालिनी,
जय मंगला महा कपालिनी,
रक्तबीज बधकारिणी माता
सदा भक्त जनकी सुखदाता…