Khafa Shayari in Hindi - खफा शायरी

Khafa Shayari in Hindi

(1)
लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझसे,
तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा है मुझसे…


(2)
खफा नहीं हूँ
तुझसे ए जिंदगी,
बस जरा दिल लगा बैठा हूँ
इन उदासियों से…


(3)
वो आए थे मेरा दुख-दर्द बाँटने के लिए,
मुझे खुश देखा तो खफा होकर चल दिये…


(4)
जो भी मिला वो हम से खफा मिला
देखो हमे मोहब्बत का क्या सिला मिला,
उम्र भर रही फ़क़त वफ़ा की तलाश हमे
पर हर शख्स मुझ को ही क्यों बेवफा मिला…


(5)
नाराज क्यों हो हमसे किस बात पे हो रूठे,
अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम झुठे,
कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते,
गुस्से का है बहाना दिल में हो हम पे मारते…

2 Lines Naraz Shayari

(6)
यूँ लगे दोस्त तेरा मुझसे खफ़ा हो जाना
जिस तरह फूल से खुशबू का जुदा हो जाना….


(7)
कुछ इस तरह खूबसूरत रिश्ते
टूट जाया करते हैं,
दिल भर जाता है तो
लोग रूठ जाया करते हैं…


(8)
तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी,
तेरे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी…


(9)
क्यों वो रूठे इस कदर के मनाया न गया,
दूर इतने हो गए के पास बुलाया न गया,
दिल तो दिल था कोई समंदर का साहिल नहीं,
लिख दिया नाम वो फिर मिटाया न गया…


(10)
इतना तो बता जाओ खफा होने से पहले,
वो क्या करें जो तुम से खफा हो नहीं सकते…