Kashish Shayari in Hindi - कशिश शायरी

Kashish Shayari in Hindi
कशिश शायरी

तुम्हारा दीदार और वो भी आंखो में आंखे डालकर,
सुनो ये कशिश कलम से बयान करना मेरे बस की बात नही 😘


हम भीगते हैं जिस तरह से तेरी यादों में डूबकर,
इस बारिश में कहाँ वो कशिश तेरे ख्यालों जैसी…


कशिश हो शायरी की तुम, ग़ज़ल की जान लगती हो,
खुदा के नूर जैसी हो, नज़र की शान लगती हो,
तमन्ना हो मेरी हसरत, तुम्हीं जज़्बात हो मेरे,
रब ने जो किया मुझ पर, वही एहसान लगती हो ❤️


मेरे इश्क में कशिश तो बहुत है,
मगर वो पत्थर दिल पिघलता नहीं,
मिले खुदा तो माँगूंगी उसको,
लेकिन ख़ुदा मरने से पहले मिलता नहीं…


चैन तो छिन चुका है अब बस जान बाकी है,
अभी मोहब्बत में मेरा इम्तेहान बाकी है,
मिल जाना वक़्त पर ऐ मौत के फ़रिश्ते,
किसी को गिला है किसी का फरमान बाकी है 💔