Kareeb Shayari in Hindi - करीब शायरी

Kareeb Shayari in Hindi

(1)
मुद्दतों जिसको तलाशा आज वो मेरे करीब है,
अपना प्यार पाना भी कहाँ सबको नसीब है…


(2)
दूर रह कर करीब रहने की आदत है,
याद बन के आँखों से बहने की आदत है,
करीब न होते हुए भी करीब पाओगे,
मुझे एहसास बनकर रहने कि आदत है…


(3)
ऐ दोस्त जब कभी भी तू बहुत उदास होगा,
मेरा ख्याल तेरे दिल के आस-पास होगा,
दिल की गहराईयों से जब भी करोगे याद,
तुम्हें हमारे करीब होने का एहसास होगा…


(4)
पहचानूं कैसे तुझ को मेरी ज़िंदगी बता,
गुजरी है तू करीब से लेकिन नकाब में…


(5)
मुद्दत से जिसके वास्ते दिल बेकरार था,
वो लौट के ना आया जिसका इंतजार था,
मंजिल करीब आई तो वो दूर हो गया,
इतना तो बता जाता कि ये कैसा प्यार था…


(6)
जो दिल के हो करीब उसे रुसवा नहीं करते,
यूँ अपनी दोस्ती का तमाशा नहीं करते,
खामोश रहोगे तो घुटन और बढ़ेगी,
अपनों से कोई बात छुपाया नहीं करते…


(7)
हमारा क़त्ल करने की उनकी साजिश तो देखो,
गुजरे जब करीब से तो चेहरे से पर्दा हटा लिया…


(8)
जो दिल के हो करीब उसे रुसवा नहीं करते,
यूँ अपनी दोस्ती का तमाशा नहीं करते,
खामोश रहोगे तो घुटन और बढ़ेगी,
अपनों से कोई बात छुपाया नहीं करते…


(9)
न हाथ थाम सके और न पकड़ सके दामन,
बहुत ही क़रीब से गुज़र कर बिछड़ गया कोई…


(10)
दूरी ने कर दिया है तुझे और भी करीब,
तेरा ख़याल आ कर न जाये तो क्या करें…