Kaash Shayari in Hindi - काश शायरी

Kaash Shayari in Hindi

(1)

काश कोई अपना हो तो आईने जैसा हो,
जो हँसे भी साथ मेरे और रोए भी साथ…

(2)

उसकी हसरत को मेरे दिल में लिखने वाले,
काश उसको भी मेरी क़िस्मत में लिखा होता…

(3)

अपनी खुशियाँ लुटाकर उसपर कुर्बान हो जाऊ,
काश कुछ दिन उसके शहर का मेहमान हो जाऊ,
वो अपना नायाब दिल मुझको देदे, और फिर
वापस मांगे, मैं मुकर जाऊ और बेईमान हो जाऊ…

(4)

ख्वाहिशों का आदी दिल काश ये समझ सकता,
कि साँस टूट जाती है इक आस टूट जाने से…

(5)

काश तू समझ सकती मोहब्बत के उसूलो को,
किसी की सांसो में समाकर उसे तन्हा नहीं करते…

(6)

काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,
वो आकर गले लगा ले, मेरी इजाजत के बगैर…

(7)

तेरे हुस्न पे तारीफों भरी किताब लिख देता,
काश तेरी वफ़ा तेरे हुस्न के बराबर होती…

(8)

वो रोज़ देखता है ढलते सूरज को इस तरह,
काश मैं भी किसी शाम का मंज़र होता…

(9)

काश फुरसत में उन्हें भी ये ख्याल आ जाये,
कि कोई याद करता है उन्हें ज़िन्दगी समझकर…

(10)

काश दिल-ए-नादां को ये मालूम होता,
इश्क तब तक हसीन है, जब तक नहीं होता…