Jazbaat Shayari in Hindi - जज्बात शायरी

Jazbaat Shayari in Hindi
जज्बात शायरी

(1)
हर रोज निकलता हूँ साथ लेकर,
जज्बातों का कारवाँ,
मिल जाए मंजिल मुझे न जाने वो,
सहर क्यों नहीं होती 😌😌😌


(2)
जब आता है जीवन में खयालातों का हंगामा,
हास्य बातो या जज़्बातो मुलाकातों का हंगामा,
जवानी के क़यामत दौर में ये सोचते है सब,
ये हंगामे की राते है या है रातो का हंगामा…


(3)
बहुत नाजुक हैं जज्बात मेरे जो तुम्हारे दिल में रखे हैं,
कहीं ठेस न लग जाये बस इतना ख़याल रखना ❤️❤️❤️


(4)
मेरा दिल इतना भी नासमझ नहीं,
जो तेरे बदलते जज़्बातों को समझे नहीं…


(5)
जो जज्बात को समझे उनमें कुछ तो बात होती हैं,
रॉयल जिंदगी जीने वालो की कुछ तो औकात होती है…

(6)
न मिलने की ये मजबूरियाँ बना कर रखो,
ये नजदीकियां कहीं खतरनाक साबित न हों,
बेहतर है थोड़ी दूरियां बना कर रखो ❤️❤️❤️


(7)
दिल से चाहो तो सजा देते है लोग,
सच्चे जज्बात भी ठुकरा देते है लोग,
क्या देखेंगे दो इन्सानो का मिलन साथ,
बैठे दो परिंदों को भी उड़ा देते है लोग…


(8)
जो अपने महबूब के यादों में खो जाएँ,
उसका एहसास और जज्बात मीठा-मीठा हो जाएँ ❤️❤️❤️


(9)
बदलते दौर के हर खेल खेलेंगे किसी रोज,
बच्चे खिलौने से नही लोगों के जज्बातों से खेलेंगे…


(10)
कम ही होते हैं जज्बातों को समझने वाले,
इसलिए शायद शायरों की बस्तियाँ नहीं होती…