Jarurat Shayari in Hindi - जरुरत शायरी

जरुरत एक ऐसा शब्द है जिसमें सभी अहसास होते हैं। जब हमें किसी की जरुरत होती है लगता है कि मुझ से ज्यादा है वो, खुद से बढ़ कर मुझे रहती है जरुरत उसकी। तो चलिए पढ़ते हैं कुछ ऐसी ही बेहतरीन शायरियां।

Jarurat Shayari in Hindi
जरुरत शायरी

(1)
जरुरत नहीं तुम मेरी चाहत हो,
मिले जो ख्वाबो में हां वही दौलत हो
किस लिए देखती हो आईना,
तुम तो रब से भी ज्यादा खूबसूरत हो 🥰


(2)
मुझ में लगता है कि मुझ से ज्यादा है वो,
खुद से बढ़ कर मुझे रहती है जरुरत उसकी…


(3)
लाखो अदाओ की अब जरुरत ही क्या है
जब वो फिदा ही हमारी सादगी पर है❣️


(4)
खोया हूँ तेरे ख्यालों में पर
तेरी आँखों को अब मेरी जरुरत नहीं।
चाहता हूँ फिर लौट आओ तुम
मेरी बाँहों में
पर लौट आना वक़्त की आदत नहीं…


(5)
नफरत मत करना हमसे हमें बुरा लगेगा,
बस प्यार से कह देना तेरी जरुरत नहीं है…


(6)
तेरी आँखों से दूर जाने के भी लिए तैयार तो थे हम,
फिर इस तरह, नज़रें घुमाने की जरूरत क्या थी,
तेरे इक इशारे पर हम इल्जाम भी अपने सर ले लेते,
फिर बेवजह, झूठे इल्जाम लगाने की जरुरत क्या थी 💔


(7)
रिश्तों से बड़ी जरुरत क्या होगी,
दोस्ती… से बड़ी इबादत क्या होगी,
जिसे दोस्त मिल जाये तुम जैसा अनमोल,
ज़िन्दगी से उसे और शिकायत क्या होगी…


(8)
ऐ ज़िन्दगी जा ढूढ़ कोई गुम गया है मुझ से,
अगर वो ना मिला तो तेरी भी जरुरत नही 💔


(9)
​​अब कहाँ जरुरत है हाथों में पत्थर उठाने की​​,
​​तोड़ने वाले तो दिल जुबां से ही तोड़ दिया करते है…


(10)
​मेरी तन्हाइयां करती हैं ​जिन्हें याद सदा,
उन को भी मेरी ज़रुरत हो ज़रूरी तो नहीं…