Husn Shayari in Hindi - हुस्न शायरी

Husn Shayari in Hindi

(1)
मैं तेरे इश्क़ की छाँव में,
जल-जलकर काला न पड़ जाऊं कहीं,
तू मुझे हुस्न की धूप का एक टुकड़ा दे…


(2)
मुझको मालूम नही, हुस़्न की तारीफ,
मेरी नज़रों में हसीन ‘वो’ है, जो तुम जैसा हो…


(3)
अब हम समझे तेरे चेहरे पे तिल का मतलब,
हुस्न की दौलत पे दरबान बिठा रखा है…

Husn Ada Shayari

(4)
उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा,
आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा…


(5)
जाने उस शख्स को कैसा हुनर आता है,
रात होते ही आँखों में उतर जाता है,
मै उसके खयालो से बच के कहा जाऊ,
वो मेरी हर सोच के रास्ते पे नज़र आता है…


(6)
वो हुस्न ही क्या जिसे नाज ना हो,
और वो इश्क ही क्या जिसमें आग ना हो…


(7)
तेरे हुस्न को नकाब की जरुरत ही क्या है,
न जाने कौन रहता होगा होश में तुझे देखने के बाद…

Husn Par Ghamand Shayari

(8)
हुस्न वालों ने क्या कभी की खता कुछ भी,
ये तो हम हैं सर इल्ज़ाम लिए फिरते हैं…


(9)
कितनी तारीफ करूं उस जालिम  के हुस्न की,
पूरी किताब तो बस उसके,
होठों पर ही खत्म हो जाती है…


(10)
पलट कर देख ये ज़ालिम तमन्ना हम भी रखते है,
तुम अगर हुस्न रखती हो तो  जवानी हम भी रखते है..