Hakikat Shayari in Hindi - हकीकत पर शायरी

Hakikat Shayari in Hindi

(1)
हमें गम रहा, जब तक दम में दम रहा,
दिल के जाने और टूट जाने का गम रहा,
लिखी थी जिस कागज पर हक़ीक़त दिल की,
एक मुद्दत तक वो कागज़ भी नम रहा…


(2)
दुनिया को मेरी हकीकत का पता कुछ भी नहीं,
इल्जाम हजारो हैं पर खता कुछ भी नहीं…


(3)
फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो,
जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है हकीक़त समझो,
जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ,
आज तो साँस भी लेते हो ग़नीमत समझो…


(4)
मेरे लफ्जों से न कर मेरे किरदार का फ़ैसला,
तेरा वजूद मिट जायेगा मेरी हकीकत ढूंढ़ते ढूंढ़ते…


(5)
हकीकत में खामोशी कभी भी चुप नहीं रहती,
कभी तुम ग़ौर से सुनना बहुत किस्से सुनाती है…

Duniya Ki Hakikat Shayari

(6)
कल यही ख्वाब हकीकत में बदल जायेंगे,
आज जो ख्वाब फकत ख्वाब नजर आते हैं…


(7)
ये हकीक़त है कि होता है असर बातों में,
तुम भी खुल जाओगे दो-चार मुलक़ातों में,
सदियों की वफाओं का कोई नाता न था,
तुम से मिलने की लकीरें थीं मेरे हाथों में…


(8)
इत्तिफ़ाक़ समझो या मेरे दर्द की हकीक़त,
आँख जब भी नम हुई वजह तुम ही निकले…


(9)
दिल्लगी थी उसे हम से मोहब्बत कब थी,
महफ़िल-ए-गैर से उस को फुर्सत कब थी,
कहते तो हम मोहब्बत में फनाह हो जाते,
उस के वादों में पर वो हकीक़त कब थी…


(10)
हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ,
हर याद पर दिल का दर्द ताज़ा हुआ,
सुनी थी सिर्फ लोगों से जुदाई की बातें,
खुद पर बीती तो हक़ीक़त का अंदाज़ा हुआ…