Galatfehmi Shayari in Hindi - गलतफहमी शायरी

galatfehmi shayari

Galatfehmi Shayari in Hindi

(1)
हवा गलतफहमियों की हल्की सी चली थी,
ईमारत मोहब्बत की पल में बिखर गयी,
नीव कितनी मज़बूत थी मोहब्बत की,
ख़बर उसे भी हो गयी, मुझे भी हो गयी…


(2)
सीख लो ग़लतफहमियों को,
नज़रअंदाज करना,
अगर चाहते हो अपनी ज़िन्दगी को,
हमेशा खुशियों से भरना…


(3)
काश हम उस पल थोड़ा ठहर जाते,
गलतफहमी का पर्दा हटा के,
सच्चाई में थोड़ा झाक लेते,
तो शायद शायद आज हम साथ होते…


(4)
शीशा और रिश्ता दोनों,
नाज़ुक होते है,
शीशा गलती से टूट जाता है,
और रिश्ता ग़लतफ़हमियो से…


(5)
फासले बढ़े तो गलतफहमियां और भी बढ़ गयीं,
फिर उसने वह भी सुना जो मैंने कभी कहा ही नहीं…

Galatfehmi Shayari

galatfehmi shayari image

 

(6)
जो भी है ग़लतफहमी मिटा दे,
देनी हो अगर कोई सज़ा तो सज़ा दे,
मगर नाराज़ होकर तुझे यू ना जाने दूंगा,
सारे शिकवो को दूर कर अपना बना लूँगा…


(7)
गलतफहमी में जिंदगी गुजार दी,
कभी हम नहीं समझे,
कभी तुम नहीं समझ सके…


(8)
ग़लतफहमी का एक पल,
इतना ज़हरीला होता है,
जो प्यार भरे 100  लम्हों को,
एक पल में मार देता है…


(9)
ग़लतफहमी है तुम्हे,
कि हम बुरे है,
हम तो बस तेरे बिना,
बिल्कुल अधूरे है…


(10)
उन्हें तो बहाना चाहिए था,
हमसे दूर जाने का,
इसलिए जान-बूझकर वो हमारे,
बीच ग़लतफहमी ले आये..