Gahrai Shayari in Hindi - गहराई शायरी

गहराई शायरी
Gahrai Shayari in Hindi

(1)
इश्क की गहराईयों में खूबसूरत क्या है,
मैं हूँ, तुम हो और कुछ की ज़रुरत क्या है 🥰


(2)
तुम अपने दोस्तों को वक़्त पे इंकार मत करना,
किसी भी अजनबी से प्यार मत करना,
ए मेरे दोस्त तुझको आज मेरा मश्वरह है ये,
न मालूम हो गहराई तो दरिया पार मत करना…


(3)
अगर ज़िन्दगी में जुदाई न होती,
तो कभी किसी की याद आई ना होती,
साथ ही गुजरता हर लम्हा तो,
शायद रिश्तों में इतनी गहराई ना होती…


(4)
समुंदर में उतर लेकिन उभरने की भी सोच
डूबने से पहले… गहराई का अंदाज़ा लगा 😎


(5)
रात गुम सुम है मगर खामोश नही,
कैसे कह दूँ आज फिर होश नही,
ऐसे डूबा हूँ तेरी आँखों की गहराई में,
हाथ में जाम है मगर पीने का होश नही…