Betab Shayari in Hindi - बेताब शायरी

कई बार मोहब्बत में दिल बेताब सा हो जाता है। जब हम किसी से दूर होते हैं तो दूर रह कर दिल बड़ा बेताब रहता है उसी बेताबी को बयां करती हुई कुछ शायरियां यहाँ पढ़िए।

Betab Shayari in Hindi
बेताब शायरी

(1)
इत्तेफ़ाक़ से यह हादसा हुआ है,
चाहत से मेरा वास्ता हुआ है,
दूर रह कर बड़ा बेताब था दिल,
पास आ कर भी हाल बुरा हुआ है 🥰


(2)
तुझको पा कर भी न कम हो सकी बेताबी दिल की,
इतना आसान तेरे इश्क़ का ग़म था ही नहीं..


(3)
इतना बेताब न हो मुझसे बिछड़ने के लिए,
तुझे आँखों से नहीं मेरे दिल से जुदा होना है…


(4)
इश्क का जौके-नजारा मुफ्त को बदनाम है,
हुस्न खुद ही बेताब है जलवा दिखाने के लिए ❤️‍🔥


(5)
शायद कि इधर आके कोई लौट गया है,
बेताबी से यूं मुंह को कलेजा नहीं आता…


(6)
बेताब से रहते हैं तेरी याद में अक्सर,
रात भर नहीं सोते हैं तेरी याद में अक्सर,
जिस्म में दर्द का बहाना सा बना कर,
हम टूट कर रोते हैं तेरी याद में अक्सर…


(7)
आशिकी सब्र तलब और तमन्ना बेताब,
दिल का क्या रंग करूँ खून-ए-जिगर होने तक…
मिर्ज़ा ग़ालिब


(8)
बहुत बेचैन फिरते हैं,
बड़े बेताब रहते हैं,
दुआ को हाथ उठते हैं,
दुआ में यह ही कहते हैं,
लगी है भीड़ लोगों की,
मगर इस भीड़ में “साक़ी”
कभी तुम भी नज़र आओ,
कभी तुम भी नज़र आओ…


(9)
भले ही राह चलते तू औरों का दामन थाम ले,
मगर मेरे प्यार को भी तू थोड़ा पहचान ले,
कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क़ में मैंने,
ज़रा इस दिल की बेताबी को भी तू जान ले…


(10)
एक अजीब सी बेताबी है तेरे बिना,
रह भी लेते है और रहा भी नहीं जाता…