Berukhi Shayari in Hindi - बेरुखी शायरी

बेरुखी शायरी
Berukhi Shayari in Hindi

(1)
इन बादलों का मिज़ाज भी…
मेरे महबूब जैसा है,
कभी टूट के बरसता है,
कभी बेरुखी से गुजर जाता है…


(2)
काश वो समझते इस दिल की तड़प को,
तो हमें यूँ रुसवा ना किया जाता,
ये बेरुखी भी उनकी मंजूर थी हमें,
एक बार बस हमें समझ लिया होता…


(3)
दिल तोड़ कर हमारा तुमको राहत भी न मिलेगी,
हमारे जैसी तुमको कहीं चाहत भी न मिलेगी,
यूँ इतनी बेरुखी न दिखलाइये हमें,
हम अगर रूठे तो हमारी आहट भी न मिलेगी…


(4)
लगे हैं इलज़ाम दिल पे जो मुझको रुलाते हैं,
किसी की बेरुखी और किसी और को सताते हैं,
दिल तोड़ के मेरा वो बड़ी आसानी से कह गए अलविदा,
लेकिन हालात मुझे बेवफा ठहराते है…



(5)
Berukhi Shayari 2 Line
तेरी बेरुखी और तेरी मेहरबानी,
यही मौत है और यही ज़िंदगानी…