Barsat Shayari in Hindi - बरसात शायरी

Barsat Shayari in Hindi

(1)
कभी बरसात का मज़ा चाहो,
तो इन आँखों में आ बैठो,
वो बरसों में कभी बरसती है,
ये बरसों से बरसती हैं…


(2)
जब भी होगी पहली बारिश, तुमको सामने पायेंगे,
वो बूंदों से भरा चेहरा तुम्हारा हम देख तो पायेंगे…


(3)
हैरत से ताकता है सहरा बारिश के नज़राने को,
कितनी दूर से आई है ये रेत से हाथ मिलाने को…


(4)
मजबूरियाँ ओढ़ के निकलता हूँ घर से आजकल,
वरना शौक तो आज भी है बारिशो में भीगने का…


(5)
अब उदास होना भी अच्छा लगता है,
किसी का पास न होना भी अच्छा लगता है,
मैं दूर रह कर भी किसी की यादों में हूँ,
ये एहसास होना भी अच्छा लगता है…


(6)
सदियों बाद उस अजनबी से मुलाक़ात हुई,
आँखों ही आँखों में चाहत की हर बात हुई,
जाते हुए उसने देखा मुझे चाहत भरी निगाहों से,
मेरी भी आँखों से आंसुओं की बरसात हुई…


(7)
वो मेरे रु-बा-रु आया भी तो बरसात के मौसम में,
मेरे आँसू बह रहे थे और वो बरसात समझ बैठा…


(8)
रहने दो कि अब तुम भी मुझे पढ़ न सकोगे,
बरसात में काग़ज़ की तरह भीग गया हूँ मैं…


(9)
एक तो ये रात, उफ़ ये बरसात,
इक तो साथ नही तेरा, उफ़ ये दर्द बेहिसाब
कितनी अजीब सी है बात,
मेरे ही बस में नही मेरे ये हालात…


(10)
बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने,
किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है…