Aukat Shayari in Hindi - औकात शायरी

Aukat Shayari in Hindi

(1)
शाखों से गिर कर टूट जाऊ, मै वो पत्ता नही,
आंधियो से कह दो कि अपनी औकात मे रहें…


(2)
आदतें बुरी नहीं शौक ऊँचे हैं,
वरना किसी ख्वाब की इतनी औकात नहीं कि
हम देखें और पूरा न हो…


(3)
अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उँगलियाँ,
जिनकी हमे छूने की औकात नहीं होती…


(4)
औकात दिखा देती है एक दिन मोहब्बत भी,
इसलिए खुद से ज्यादा चाहत किसी की मत रखना…

औकात शायरी

(5)
मेरी औकात से बढ़ कर,
मुझे कुछ न देना मेरे मालिक,
क्योंकि रोशनी भी अगर जरुरत से ज्यादा हो,
तो इंसान को अँधा बना देती है…


(6)
औकात नहीं थी ज़माने में जो हमारी कीमत लगा सके,
कम्बख्त इश्क़ में क्या गिरे मुफ्त में नीलाम हो गए…


(7)
बुरे वक़्त के साथ जो मैंने अपनी मुलाकात देख ली,
किसी की सच्चाई और किसी की औकात देख ली…