Alone Shayari in Hindi - अलोन शायरी

Alone Shayari in Hindi

(1)

जिंदगी के ज़हर को यूँ हँस के पी रहे हैं,
तेरे प्यार बिना यूँ ही ज़िन्दगी जी रहे हैं,
अकेलेपन से तो अब डर नहीं लगता हमें,
तेरे जाने के बाद यूँ ही तन्हा जी रहे हैं…


(2)

न जाने क्यों खुद को अकेला सा पाया है,
हर एक रिश्ते में खुद को गवाया है,
शायद कोई तो कमी है मेरे वजूद में,
तभी हर किसी ने हमे यूँ ही ठुकराया है…


(3)

क्या लाजवाब था तेरा छोड़ के जाना,
भरी भरी आँखों से मुस्कुराये थे हम,
अब तो सिर्फ मैं हूँ और तेरी यादें हैं,
गुजर रहे हैं यूँ ही तन्हाई के मौसम…


(4)

हो सकता है हमने आपको कभी रुला दिया,
आपने तो दुनिया के कहने पे हमें भुला दिया,
हम तो वैसे भी अकेले थे इस दुनिया में,
क्या हुआ अगर आपने एहसास दिला दिया…


(5)

तेरे दिल के करीब आना चाहती हूँ मैं,
तुझको नहीं और अब खोना चाहती हूँ मैं,
अकेले इस तनहाई का दर्द बर्दाश्त नहीं होता,
तू एक बार आजा तुझसे लिपट कर रोना चाहती हूँ मैं…

(6)

मज़बूरी में जब कोई जुदा होता है,
ज़रूरी नहीं कि वो बेवफ़ा होता है,
देकर वो आपकी आँखों में आँसू,
अकेले में वो आपसे ज्यादा रोता है…


(7)

ये भी शायद ज़िंदगी की इक अदा है दोस्तों,
जिसको कोई मिल गया वो और तन्हा हो गया…


(8)

बिछड़ के भी वो रोज,
मिलता है मुझे ख्वाबों में,
अगर ये नींद न होती तो,
कब के मर गए होते…


(9)

कुदरत के इन हसीन नजारों का हम क्या करें,
तुम साथ नहीं तो इन चाँद सितारों का हम क्या करें…


(10)

जब महफ़िल में भी तन्हाई पास हो,
रोशनी में भी अँधेरे का एहसास हो,
तब किसी खास की याद में मुस्कुरा दो,
शायद वो भी आपके इंतजार में उदास हो…