Ahankar Shayari in Hindi - अहंकार शायरी

Ahankar Shayari

(1)

अहंकार दिखाके किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है,
कि माफ़ी मांगकर वो रिश्ता निभाया जाये…


(2)

अहंकार में ही इंसान सब कुछ खोता है,
बेवजह किस्मत को दोष देकर रोता है…


(3)

अहंकार में इंसान को हकीकत दिखाई नही देता है,
कितना भी जोर से बोला जाएँ तो सच सुनाई नही देता…


(4)

जिसपर अहंकार का साया होता है,
उसके लिए अपना भी पराया होता है…


(5)

पूरी दुनिया जीत सकते है, संस्कार से,
जीता हुआ भी हार जाते है, अहंकार से…

(6)

दूर से देखके गर्मी में रेत को पानी समझ लिया,
कुछ अच्छे लोगों ने अहंकार में खुद को सर्वज्ञानी समझ…


(7)

लोग अहंकार और घमंड से तब नफरत करते हैं
जब ये दूसरों में दिखाई देते हो…


(8)

अहंकार प्रेम को नष्ट करता है,
फिर भी इंसान अहंकार करता है….


(9)

जलती लकड़ी देखकर मन में आया विचार,
तन की होनी यही गति फिर कैसा अहंकार….


(10)

अहंकार ना करें हुजूर,
चाहे जाने में हो या अंजाने में….


(11)

ज्ञान कतई अहंकार की चीज़ नहीं है,
पर अज्ञान भी कोई मेडल नहीं है भाई…