Mazdoor Diwas Shayari | मजदूर दिवस पर शायरी | Labour Day Shayari

Mazdoor Diwas Shayari and मजदूर दिवस पर शायरी with Labour Day Shayari to salute them on Labour Day or Majoor Diwas. These Mazdoor Diwas Status are with both picture and text format to share. Earlier we shared some best Motivational Shayari Images on our site.

mazdoor diwas shayari images

Top 10 Mazdoor Diwas Shayari | मजदूर दिवस पर शायरी | Labour Day Shayari

(1)

मैं मजदूर हूँ मजबूर नहीं,
यह कहने मैं मुझे शर्म नहीं,
अपने पसीने की खाता हूँ,
मैं मिट्टी को सोना बनाता हूँ…


(2)

अब उन की ख़्वाब-गाहों में कोई आवाज़ मत करना,
बहुत थक-हार कर फ़ुटपाथ पर मज़दूर सोए हैं…


(3)

परेशानियाँ बढ़ जाए तो इंसान मजबूर होता हैं,
श्रम करने वाला हर व्यक्ति मजदूर होता हैं…


(4)

किसी को क्या बताये कि कितने मजबूर हैं हम,
बस इतना समझ लीजिये कि मजदूर हैं हम…


(5)

जिसके कंधो पर बोझ बढ़ा,
वो भारत माँ का बेटा कौन,
जिसने पसीने से भूमि को सींचा,
वो भारत माँ का बेटा कौन,
वह किसी का गुलाम नहीं,
अपने दम पर जीता हैं,
सफलता का एक कण ही सही,
लेकिन हैं अनमोल जो मजदूर कहलाता हैं…


(6)

आने वाले जाने वाले हर ज़माने के लिए ,
आदमी मज़दूर है राहें बनाने के लिए…


(7)

सो जाता हैं फुटपाथ पे अखबार बिछा कर,
मजदूर कभी नींद की गोली नहीं खाता..


(8)

अमीरी में अक्सर अमीर अपनी सुकून को खोता हैं,
मजदूर खा के सूखी रोटी बड़े आराम से सोता हैं…


(9)

मेहनत उसकी लाठी हैं,
मजबूती उसकी काठी हैं,
बुलंदी नहीं पर नीव हैं,
यही मजदूरी जीव हैं…


(10)

अगर इस जहाँ में मजदूर का न नामों निशाँ होता,
फिर न होता हवामहल और न ही ताजमहल होता…


*** So friends, hope you like our new post Mazdoor Diwas Shayari | मजदूर दिवस पर शायरी | Labour Day Shayari on our site please share your comments below ***

Rate this post

Leave a Reply