Manzil Shayari | मंजिल शायरी | Manzil Shayari Images

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Manzil Shayari Wallpaper Image

Top 10 Manzil Shayari | मंजिल शायरी | Manzil Shayari Images

(1)

मंजिल मिलने से दोस्ती भुलाई नहीं जाती
हमसफ़र मिलने से दोस्ती मिटाई नहीं जाती
दोस्त की कमी हर पल रहती है यार
दूरियों से दोस्ती छुपाई नहीं जाती…


(2)

Zindagi Ke Safar Ki Manzil Hai Maut
Milti Hai Zindagi Toh Aati Hain Maut
Hasna Hai Zindagi Toh Rona Hain Maut
Chalna H Zindagi To Rukna Hain Maut
Har Aashiq Ki Zindagi Ki Manzil Hain Maut…


(3)

बेताब तमन्नाओ की कसक रहने दो…
मंजिल को पाने की कसक रहने दो…
आप चाहे रहो नज़रों से दूर…
पर मेरी आँखों में अपनी एक झलक रहने दो…


(4)

Meri Manzil Ka Koi Bhi Thikana Nahi
Musafir Ki Tarah Jeena Hai Mujhko
Koi Kuchh Nahi Kar Sakta Mere Liye
Bas Judayi Ka Jahar Peena Hai Mujhko…


(5)

उल्फत में अक्सर ऐसा होता है
आँखे हंसती हैं और दिल रोता है
मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी
हमसफर उनका कोई और होता है…


(6)

Her Raah Ek Nayi Manzill Hai
Kaddmo Ko Shambhalna Zara Musqil Hai
Dost Ager Saath Naa Dey Toh
Dhoop Toh Kyaa Chhaanv Mein Bhee Challna Musqil Hai…


(7)

किस हद तक जाना है ये कौन जानता है
किस मंजिल को पाना है ये कौन जानता है
दोस्ती के दो पल जी भर के जी लो
किस रोज़ बिछड जाना है ये कौन जानता है….


(8)

Manzil Nahi Hai Thikana Nahi Hai
Kahi Par Bhi Mera Ashiyana Nahi Hai
Maine Teer Chalana Sikhaya Ushe
Ab Mere Siva Uska Koi Nishana Nahi Hai…


(9)

ना किसी से ईर्ष्या
ना किसी से कोई होड़
मेरी अपनी मंजीले
मेरी अपनी दौड़….


(10)

Talash Hai Us Manzil Ki
Jise Main Pana Nahi Chahti
Dekh Raha Hai Wo Mujhe
Par Mai Uski Nazron Mai Aana Nahi Chahati…

Some more Manzil Shayari in Hindi

जहाँ याद न आये तेरी वो तन्हाई किस काम की
बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई किस काम की
बेशक़ अपनी मंज़िल तक जाना है हमें
लेकिन जहाँ से अपने न दिखें वो ऊंचाई किस काम की…


(12)

मंज़िले हमारे करीब से गुज़रती गयी जनाब
और हम औरो को रास्ता दिखाने में ही रह गये…


(13)

सारे सितारे फ़लक से ज़मीं पर जब उतर कें आयेंगे
फिर हम तेरी यादों के साथ रात भर दिवाली मनायेंगे…


(14)

मैने इक माला की तरह तुमको अपने आप मे पिरोया हैं
याद रखना टूटे अगर हम तो बिखर तुम भी जाओगे…


(15)

उसे न चाहने की आदत उसे चाहने का जरिया बन गया
सख्त था मैं लड़का अब प्यार का दरिया बन गया…


(16)

मंजिल उन्हीं को मिलती है
जिनके हौसलों में जान होती है
और और बंद भट्ठी में भी दारू उन्हीं को मिलती है
जिनकी भट्ठी में पहचान होती है…


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2 Comments

  1. radhika July 15, 2018
  2. Khushi kumari August 12, 2018

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